Saturday, 20 July 2013

मेरे श्याम छेड़ दो फिर वो तान मुरली वाली ..
तेरी मोहिनी मुरलिया ,,सबके दिल में बसने वाली ,
मेरे श्याम छेड़ दो फिर वो तान मुरली वाली ..
मीठी सी बांसुरी जब सांवरे बजाते हो ..
कितनो के ही दिल को तुम ,,बांवरा बनाते हो ..
जादूगरनी तेरी मुरली ,,,चित चुराने वाली ..
मेरे श्याम छेड़ दो ,, फिर वो तान मुरली वाली ,..
राधे तेरी बांसुरी की धुन पे नाचने लगी ..
गोपियाँ भी सुन तराने ,,घर ही त्याग कर चली ..
ऐसा क्या बांसुरी में ,,,,कौन माया डाली ..
मेरे श्याम छेड़ दो फिर वो तान मुरली वाली ...

माखन चुराने आते हो, दिल ही चुराए जाते हो,

माखन चुराने आते हो, दिल ही चुराए जाते हो,
करते हो अठखेलियाँ नित नए स्वाँग रचाते हो,
यशोदा के लल्ला क्यों नित नित हमें सताते हो,
करते हो माखन चोरी फिर भी बृज राज कहाते हो,
यशोदा तेरो कान्हा बड़ो नटखट है
यशोदा तेरो कान्हा बड़ो नटखट है
माखन की हांड़ी देखि जिसके भी अंगना
बिन जाने उसपर ये झपटत है
यशोदा तेरो कान्हा बड़ो नटखट है.



ऐ श्यामसुंदर हमे अपना बना लो

ऐ श्यामसुंदर हमे अपना बना लो
हमे वृन्दावन में बुला लो
अपनी प्यारी सी छवि हमे दिखाओ
चाहे फिर हमे तुम कुछ भी बनाओ
अपनी रसीली रसभरी वाणी सुनाओ

ऐ श्यामसुंदर मोहे तुम अपना बनाओ
मुरली की मीठी तान सुनाओ
मुरली की तान सुना कर
मदमस्त हमे बनाओ
हमे कान्हा वृन्दावन की
बगिया का फूल बनाओ
कृपा कर उसे चरणों से अपने लगाओ
चाहे तो हमे फूल पे बेठी ओस की बूँद बनाओ
फिर उस फूल को अपने चरणों से लगा
उस बूँद को अपना स्पर्श दिलाओ
उसे अपने में विलीन करो
हमे श्याम अपना बनाओ
हमे श्याम तुम वृन्दावन की
धूलि का कण बनाओ
उसे वृन्दावन में उडा कर
अपने चरणों से लगाओ
ऐ श्याम सुन्दर आ जाओ....